'जब 16 दिसंबर की रात 1:13 बजे घटना की कॉल आई थी। मैं अपनी टीम के साथ तुरंत इस मामले में लग गया था। और आज जब सुप्रीम कोर्ट ने इस केस के दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है तो मैं इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता।'from Navbharat Times https://ift.tt/2u7QXDd
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