काशी की सांस्कृतिक विरासत की पहचान बना देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा) उत्सव इस बार अनूठे दीपोत्सव का गवाह बनेगा। आठ किलोमीटर लंबे अर्द्धचंद्राकार गंगा तट के घाटों पर करीब बीस लाख दीप जलेंगे तो पहली बार गंगा उस पार रेती पर भी दीप मालाएं रोशन होंगी। यह सबकुछ सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से होगा। योगी सरकार की ओर से उत्सव के लिए दिए जाने वाले अनुदान को फिलहाल संस्थाओं ने लेने से इंकार कर दिया है।
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