कोर्ट ने कहा कि जांच रिपोर्ट में जिन्हें दोषी माना गया, उनमें याचीगण शामिल नहीं थे। ऐसे में इनका तबादला दंड स्वरूप नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने 4 सितंबर 2018 और 6 सितम्बर 2018 के तबादला आदेशों को विधिविरुद्ध तथा अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है।
from Allahabad News, Varanasi News, Allahabad/Varanasi News in Hindi, वाराणसी-इलाहाबाद समाचार, खबरें https://ift.tt/2KaITbi
No comments:
Post a Comment