किन्नर अखाड़ा जल्द ही जूना अखाड़े का हिस्सा बन जाएगा। लेकिन इस अखाड़े की अपनी पहचान भी बनी रहेगी। किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि सनातन धर्म की जड़ों को मजबूत करने के लिए उन्होंने देश के सबसे बड़े और आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित जूना अखाड़े का हिस्सा बनने का फैसला लिया है।
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