वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के बल्लेबाज डेरेन ब्रावो जब एंटीगा में दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों का सामना कर रहे थे तो वह पसलियों, कोहनी और जांघों पर उनकी गेंदों को झेल रहे थे. एंटीगा की पिच पर गेंदबाजों को अनियमित उछाल (बाउंस) मिल रहा था. कोई दूसरा बल्लेबाज होता तो असहज हो जाता लेकिन डेरेन ब्रावो चौड़ी मुस्कराहट के साथ उसका सामना कर रहे थे. आखिर डेरेन ब्रावो उस जगह लौट आए थे जो उनकी थी यानी वेस्टइंडीज टेस्ट टीम. डेरेन ब्रावो की लंबे समय बाद विंडीज टेस्ट टीम में वापसी हुई है. उन्होंने अपनी वापसी को सार्थक करते हुए दूसरे टेस्ट मैच में संयम भरी बेहतरीन पारी खेली थी. वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड पर 2-0 की अजेय बढ़त ले ली है. डेरेन ब्रावो ने कहा कि बचपन से उनका सपना वेस्टइंडीज के लिए 100 टेस्ट मैच खेलना था और अभी भी वह इसी सपने को लेकर जी रहे हैं. ये भी पढ़ें- भारतीय तीरंदाजी संघ को मंत्रालय के मान्यता प्राप्त खेल संघों में जगह नहीं क्रिकइंफो के अनुसार डेरेन ब्रावो ने कहा, 'बचपन से मेरा लक्ष्य वेस्टइंडीज के लिए 100 टेस्ट मैच खेलना था. मैंने जब पदार्पण किया तब भी यही मेरा लक्ष्य था और अभी भी मेरा यही लक्ष्य है. मुझे नहीं लगता कि कोई इसे बदल सकता है. मैंने अभी तक 51 टेस्ट खेल लिए हैं. अब बस कुछ और टेस्ट बाकी हैं. उम्मीद है कि मैं अगले पांच साल तक और खेल सकूं. टेस्ट क्रिकेट निश्चित तौर पर खिलाड़ी की असली परीक्षा होता है.' ये भी पढ़ें- ISL 2018-19 : दिल्ली डायनामोज ने ड्रॉ खेल एफसी गोवा को दूसरे स्थान पर जाने से रोका डेरेन ब्रावो ने कहा कि वह तीनों प्रारूप में चयन के लिए उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा, 'वेस्टइंडीज के लिए खेलने पर मेरा पूरा ध्यान है. मैं तीनों प्रारूपों में चयन के लिए उपलब्ध हूं. मुझे वापसी करते हुए अच्छा लग रहा है.'
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