बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 13 पॉइंट रोस्टर के खिलाफ मोदी सरकार पर हल्ला बोलने की तैयारी कर चुके हैं. आरजेडी नेता ने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी के नाम खुला खत भी लिखा है. देश की यूनिवर्सिटी में 13 पॉइंट रोस्टर के हिसाब से आरक्षण देने की खिलाफत करते हुए तेजस्वी ने लोगों से मंडी हाउस से संसद मार्ग तक मार्च में शामील होने की अपील भी की है. तेजस्वी ने मोदी सरकार पर विश्वविद्यालयों में साजिशन 13 पॉइंट रोस्टर लागू करने का आरोप भी लगाया है. प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र। सभी साथियों से अपील है कि मनुवादी नागपुरी सरकार द्वारा बहुजनों का गला काटकर विश्वविद्यालयों में साज़िशन 13 प्वाइंट रोस्टर लागू करने के विरोध में कल 31,जनवरी को मंडी हाउस से संसद मार्ग तक के विशाल पैदल मार्च में शामिल होकर इनकी ईंट से ईंट बजायें। pic.twitter.com/79vwXngC8t — Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) January 30, 2019 प्रधानमंत्री को लिखे गए खुले खत को ट्विटर पर शेयर करते हुए तेजस्वी ने कहा है, 'मनुवादी नागपुरी सरकार द्वारा बहुजनों का गला काटकर विश्वविद्यालयों में साजिशन 13 पॉइंट रोस्टर लागू करने के विरोध में गुरुवार को मंडि हाउस से संसद मार्ग तक के विशाल पैदल मार्च में शामिल होकर इनकी ईंट से ईंट बजाएं.' आरजेडी का यह मार्च मंडी हाउस से संसद मार्ग तक होगा. इस पैदल मार्च की अगुवानी खुद तेजस्वी यादव करेंगे. पार्टी के अन्य नेता भी उनके साथ रहेंगे. राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा भी इस मार्च में शामिल होंगे. पार्टी ने बड़ी संख्या में लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है. सौ दफा हमारे और अन्य बहुजन नेता हाथ जोड़कर कर कह चुके हैं कि आरक्षण खैरात नहीं बल्कि दलित-बहुजन समाज के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का एक जरिया है और वो भी आपकी मनुवादी सोच को नागवार गुजरता है.आपको इलाज की ज़रूरत है. जय भीम जय हिन्द #Against13PointRoster pic.twitter.com/fYZppUCw0p — Manoj K Jha (@manojkjhadu) January 30, 2019 वहीं आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने भी 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम के खिलाफ केंद्रीय मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा, 'सौ दफा हमारे और अन्य बहुजन नेता हाथ जोड़कर कर कह चुके हैं कि आरक्षण खैरात नहीं बल्कि दलित-बहुजन समाज के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का एक जरिया है और वो भी आपकी मनुवादी सोच को नागवार गुजरता है. आपको इलाज की जरूरत है. जय भीम-जय हिन्द.' 13 पॉइंट रोस्टर में विवाद क्यों? विवाद ये है कि 13 पॉइंट रोस्टर में डिपार्टमेंट को यूनिट माना गया है और उसी हिसाब से सीटें भरी जाती हैं. इसमें ओबीसी चौथे नंबर पर आता है यानी चार पोस्ट निकलेंगी तभी एक ओबीसी की भर्ती होगी. एससी सातवें नंबर पर है यानी सात पोस्ट होंगी तभी एससी की भर्ती होगी और इसी तरह एसटी की भर्ती के लिए एक डिपार्टमेंट में 14 खाली पद निकलेंगे तभी उनकी नियुक्ति हो सकेगी. आमतौर पर डिपार्टमेंट में इतने खाली पद होते नहीं हैं, इसलिए ऐसा कहा जा रहा है कि 13 पॉइंट रोस्टर को लागू करके विश्वविद्यालयों में आरक्षण को खत्म करने कोशिश चल रही है.
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