धर्म निरपेक्ष राष्ट्र घोषित किए जाने के लगभग एक दशक बाद नेपाल में ही उसे हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने की मांगें उठने लगी हैं. नेपाल के एक दक्षिणपंथी राजनीतिक दल ने संविधान से धर्म निरपेक्ष होने के प्रावधान को रद्द कर, देश को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने की सरकार से मांग की है. नेपाल को साल 2006 के जन आंदोलन की सफलता के बाद साल 2008 में धर्म निरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया था. इसके बाद देश में राजशाही समाप्त हो गई थी. पूर्व उप प्रधानमंत्री कमल थापा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने प्रधानमंत्री के पी ओली को एक ज्ञापन पत्र सौंपकर मांग की थी कि नेपाल को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करने के प्रावधान को रद्द कर, पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता वाला एक हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए. पार्टी ने मंगलवार को खोटांग जिला प्रशासन के जरिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा था. साथ ही पार्टी ने संघवाद जारी रखने या नहीं रखने पर जनमत संग्रह कराए जाने की भी मांग की है. गौरतलब है कि नेपाल एक हिंदू बहुल देश है. देश में 2011 की जनगणना के अनुसार 81.3 प्रतिशत हिंदू हैं.
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