Pages

Friday, February 1, 2019

रिटायरमेंट के एक दिन पहले पूर्व CBI चीफ आलोक वर्मा से सरकार बोली- ऑफिस ज्वाइन करें

पूर्व CBI प्रमुख आलोक वर्मा ने करीब दो हफ्ते पहले ही अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने फायर एंड सेफ्टी के डीजी के तौर पर नई जिम्मेदारी लेने से भी मना कर दिया था. लेकिन सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया. गृह मंत्रालय चाहता है कि वर्मा अपना नया दफ्तर ज्वाइन कर लें और रिटायरमेंट के आखिरी दिन ऑफिस आएं. वर्मा को सीबीआई प्रमुख के पद से हटाया गया था और उनका ट्रांसफर फायर एंड सेफ्टी के डीजी के तौर पर किया गया था. गृह मंत्रालय की ओर से वर्मा को उनका कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले खत भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि आप डीजी, फायर सर्विसेस, सिविल डिफेंस एंड होम गार्ड्स का पदभार तुरंत संभाल लें. गृह मंत्रालय की ओर से ये खत इसलिए जारी किया गया है, क्योंकि वर्मा ने 11 जनवरी को सीबीआई डायरेक्टर के पद से इस्तीफा देने के बाद खुद को सेवा निवृत ही समझने को कहा था. केंद्र सरकार ने 23 अक्टूबर 2018 को देर रात आदेश जारी कर वर्मा के अधिकार वापस ले लिए थे और उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से उन्हें बड़ी राहत मिली थी. कोर्ट ने सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था, जिसके बाद वर्मा ने 77 दिन बाद अपना कार्यभार संभाला था. हालांकि वो इसके बाद भी सीबीआई डायरेक्टर के पद पर नहीं टिक सके. क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर तीन सदस्यीय चयन समिति की बैठक में 2:1 के बहुमत से उन्हें सीबीआई प्रमुख के पद से हटा दिया गया था. आपको बता दें कि आलोक वर्मा को हटाया नहीं गया था बल्कि उनका ट्रांसफर किया गया था. चयन समिति ने आलोक वर्मा की डायरेक्टर, सीबीआई की पोस्ट से डायरेक्टर जनरल, फायर सर्विस- सिविल डिफेंस एंड होम गार्ड के पद पर ट्रांसफर को मंजूरी दी थी. सुप्रीम कोर्ट के वकील और पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ अशोक धमीजा ने कहा था कि आलोक वर्मा का सीबीआई डायरेक्टर के पद से ट्रांसफर हुआ है. DSPE एक्ट के S. 4-B के हिसाब से भी इसे ट्रांसफर ही कहा जाएगा न कि पद से हटाए जाना. अधिकारियों को उनके ट्रांसफर से पहले अपने बचाव का मौका तक नहीं दिया जा रहा है और S. 4-B के तहत भी उन्हें बचाव का अधिकार नहीं मिलता है. वर्मा का ट्रांसफर सीवीसी रिपोर्ट को देखते हुए हुआ था.

from Latest News राजनीति Firstpost Hindi http://bit.ly/2Tq4bWo
via IFTTT

No comments:

Post a Comment