आखिरकार सरकार ने परंपरा तोड़ दी. अंतरिम बजट में कुछ इस तरह का ऐलान किए हैं जो एकबारगी यह भ्रम पैदा करते हैं कि कहीं यह पूर्ण बजट तो नहीं है. अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट भाषण के दौरान एकबार डायरेक्ट टैक्स पर अपनी उपलब्धिया गिनवाकर आगे बढ़ गए. तब ऐसा लगा कि मिडिल क्लास के लिए सरकार के पिटारे में कुछ नहीं है. लेकिन एकदम आखिर में पीयूष गोयल ने फिर डायरेक्ट टैक्स का जिक्र छेड़ा और .. हर वो ऐलान कर दिया जिसकी उम्मीद की जा रही थी. क्या-क्या मिली छूट? पीयूष गोयल ने इनकम टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है. इसका मतलब है कि अगर आपकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपए है तो अगले वित्त वर्ष से उस कोई टैक्स नहीं देना होगा. यह मिडिल क्लास के लिए बहुत बड़ी राहत है. पिछले साल ही यह उम्मीद की जा रही थी कि 5 लाख रुपए तक की आमदनी टैक्स फ्री हो जाएगी. लेकिन तब यह फैसला नहीं लिया गया था. इसके अलावा सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन भी 40,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया है. बजट सुनकर यह अहसास और पक्का हो गया कि अगले कुछ महीने में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. सरकार अपने पिटारे से एक के बाद एक ऐसे तीर निकाल रही थी जिससे मिडिल क्लास के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई. टैक्स फ्री ब्याज सरकार ने पोस्ट ऑफिस और बैंक से मिलने वाले टैक्स फ्री ब्याज की सीमा भी बढ़ा दी है. पहले 10,000 रुपए तक के बजट पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था. अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 40,000 रुपए कर दिया है. किराए से होने वाली कमाई पर भी पीयूष गोयल ने छूट दी है. पहले जहां 1.80 लाख रुपए तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता था. वहीं अब इसकी सीमा बढ़ाकर 2.40 लाख रुपए कर दी गई है. नौकरीपेशा वालों के लिए यह बजट खास राहत लेकर आया है. इनकम टैक्स में छूट के साथ ही ग्रेच्युटी की रकम में भी इजाफा कर दिया है. सरकार ने ग्रेच्युटी की रकम 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी है.
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