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Tuesday, February 5, 2019

ISL 2018-19 : दिल्ली डायनामोज ने ड्रॉ खेल एफसी गोवा को दूसरे स्थान पर जाने से रोका

दिल्ली डायनामोज ने सोमवार को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सीजन के अपने 14वें दौर के मुकाबले में एफसी गोवा को गोलरहित बराबरी पर रोक दिया. अंक तालिका में स्थान के लिहाज से दोनों टीमों को इस ड्रॉ से कोई फायदा नहीं हुआ, लेकिन गोवा को मनोवैज्ञानिक रूप से काफी नुकसान हुआ है. गोवा की टीम 14 मैचों से 25 अंक लेकर तालिका में तीसरे स्थान पर है. दिल्ली को हराने की स्थिति में दूसरे स्थान पर पहुंच सकती थी. दिल्ली की टीम 11 अंकों के साथ आठवें क्रम पर ही है. दिल्ली की टीम ने गोवा के खिलाफ अपना रिकॉर्ड बेहतर किया है. दोनों के बीच यह 12वां मैच था. तीन बार दिल्ली जीती है जबकि सात बार गोवा. दो मुकाबले बराबर रहे हैं. इस सीजन में गोवा ने अपने घर में नवंबर में दिल्ली को 3-2 से हराया था. ये भी पढ़ें- साउथ अफ्रीका दौरे में श्रीलंकाई कप्तान चांडीमल के लिए टीम की बल्लेबाजी बड़ी चिंता स्तरीय फुटबॉल देखने को मिला पहले हाफ में पहले हाफ में साफ-सुथरा स्तरीय फुटबॉल देखने को मिला. मेजबान दिल्ली लगातार दो जीत के बाद बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरी, लेकिन गोवा के तेजतर्रार फारवर्डों ने जल्द ही मैच पर अपनी पकड़ बना ली और लगातार कई हमले किए. हमले दिल्ली की ओर से भी हुए लेकिन सफलता किसी को नहीं मिली. सबसे खास बात यह रही कि पहले हाफ में हल्के-फुल्के फाउल ही हुए. एक भी फाउल ऐसा नहीं था, जिस पर रेफरी को कार्ड दिखाने की जरूरत पड़े. इसी कारण सिर्फ एक मिनट का इंजुरी टाइम जोड़ा गया. दिल्ली के गोलकीपर फ्रांसिस्को ने किया शानदार प्रदर्शन स्तरीय फुटबॉल के बीच पहला हाफ 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन गेंद पर कब्जे की बात की जाए को गोवा (55 फीसदी) का पलड़ा भारी रहा. दिल्ली के लिए लालियानजुआला चांग्ते, गियानी जुइवेर्लून और डेनियल लाललिम्पुइया ने कुछ अच्छे मौका बनाए लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. पहले हाफ में गोवा के लिए फेरान कोरोमिनास, हुगो बोउमोस, जैकीचंद सिंह ने अपनी चमक बिखेरी लेकिन वे अभी टीम को बढ़त नही दिला सके. दिल्ली के गोलकीपर फ्रांसिस्को डोरोनसोरो की तारीफ करनी होगी क्योंकि उन्होंने कई मौकों पर गोवा के बड़े हमलों को बड़ी साहस के साथ नाकाम किया. ये भी पढ़ें- ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद से ही निशाने पर थे पुजारा - सरवटे बदलावों के साथ हुई दूसरे हाफ की शुरुआत दूसरे हाफ की शुरुआत बदलावों के साथ हुई. दिल्ली ने दो बदलाव किए जबकि गोवा ने बोउमोस की जगह इदु बेदिया को अंदर किया. दिल्ली ने डेनियल के स्थान पर विनीत राय को अंदर लिया. गोवा की टीम दिल्ली का किला भेदने के लिए बेताब थी और इसी क्रम में 49वें मिनट में ब्रेंडन ने एक कर्लिंग फ्रीकिक दिल्ली के बॉक्स में भेजा, लेकिन जुइवेर्लून ने उसे बाहर कर दिया. इसके बाद गोवा ने दो और हमले किए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली. 55वें मिनट में कोरो को बॉक्स में गिराया गया. उन्होंने पेनल्टी की मांग की. रेफरी ने हालांकि उसे नकार दिया. गोवा के कोरो का हमला हुआ नाकाम  दिल्ली ने 57वें मिनट में जवाबी हमला किया. चांग्ते गेंद लेकर बॉक्स में पहुंचने के प्रयास में थे लेकिन मोउतोर्दा ने उसे बाहर मार दिया. दो मिनट बाद कोरो ने एक और हमला किया. बॉक्स के अंदर जुइवेर्लून को छकाकर उन्होंने गेंद को पोस्ट की ओर भेजा, लेकिन दिल्ली का एक खिलाड़ी बीच में आ गया. दिल्ली के गोलकीपर ने 63वें मिनट में सही दिशा में आ रहे ब्रेंडन के एक शॉट को रोकते हुए गोवा को बढ़त लेने से रोका. इसी तरह का एक बचाव गोवा के गोलकीपर नवीन ने रेने मिहेलिक और उलिसी डेविला के प्रयास को नाकाम करने के लिए 68वें मिनट में किया. क्रासबार के ऊपर से निकल गया जैकी का शॉट  डोरोसोरो ने 73वें मिनट में एक बड़ी गलती कर दी. बॉक्स में गेंद को कलेक्ट करने के बाद उन्होंने गलती से उसे जैकीचंद सिंह की ओर थ्रो कर दिया. जैकी ने वहीं से प्रयास किया लेकिन गेंद क्रासबार के ऊपर से निकल गई. ब्रेंडन, कोरो और जैकीचंद ने 83वें मिनट में गोवा के लिए एक बड़ा मूव बनाया, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. जैकी 84वें मिनट में बाहर गए. दिल्ली के लिए 87वें मिनट में इसी तरह का एक मौका नंदकुमार, चांग्ते और तेबार ने बनाया लेकिन वे सफल नहीं हो सके. इसके बाद भी कोई बड़ा मौका नहीं बन सका और दोनों टीमें अंक बांटने पर मजबूर हुईं. इस मैच को स्वस्थ फुटबॉल के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा क्योंकि इस मैच में एक भी कार्ड नहीं दिखाया गया.

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