लोकसभा चुनाव में अब काफी कम वक्त बचा है. लेकिन बिहार में महागठबंधन में शामिल दल सीट बंटवारे में किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाए हैं. महागठबंधन में शामिल अन्य दलों के बीच सीट के बंटवारे पर लगभग बात बन गई है लेकिन कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर रस्साकशी जारी है. महागठबंधन में ये दोनों दल काफी महत्वपूर्ण हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार में कांग्रेस 10 से 15 सीट की मांग कर रही है जबकि आरजेडी 10 से ज्यादा सीट देने के मूड में नहीं है. बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं. आरजेडी का कहना है कि उनके पास जिताऊ उम्मीदवार हैं इसलिए उनका टिकट काटना नुकसानदेह होगा. कांग्रेस की मांग के सामने आरजेडी किसी भी हाल में झुकने को तैयार नहीं है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि महागठबंधन में शामिल अन्य दलों से बात कर आरजेडी बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करेगी. कहा जा रहा है कि कांग्रेस अपनी मांग पर टिकी रहती है तो उसे 12 सीट दिया जा सकता है. सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की 3 फरवरी को पटना में रैली होने वाली है, इसी के बाद महागठबंधन के ऐलान की औपचारिक घोषणा हो सकती है. कांग्रेस इस रैली के जरिए लोगों का मूड समझने की कोशिश करेगी. पार्टी के लिए यह रैली काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है क्योंकि बिहार में सिमट चुकी कांग्रेस ने हाल के समय में अपने दम पर कोई बड़ी रैली नहीं की है. आरजेडी राज्य में 22 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. हाल के समय में तेजस्वी यादव की पार्टी बिहार में काफी मजबूत हुई है, जिसका वे फायदा उठाना चाहते हैं. इसके साथ ही तेजस्वी महागठबंधन में मायावती की पार्टी को शामिल करने के पक्ष में भी है. उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के इलाकों में बीएसपी की अच्छी खासी पकड़ है.
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