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Monday, March 25, 2019

'चुनाव में अब भी जाति-धर्म से तय होता है मूड'

एमआईटी के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी और पेरिस स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स के ऐमरी गेथिन और थॉमस पिकेटी की रिसर्च में यह तथ्य निकलकर सामने आया है। रिसर्च के मुताबिक मतदाता अपना वोट किसे देंगे, यह तय करने में मूलभूत समस्याओं की कोई खास भूमिका नहीं होती है।

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