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Monday, August 19, 2019

पिटाई का डर, बच्चे ने गढ़ी खुद के अपहरण की कहानी

मुंबई देर रात घर आने पर अम्मी-अब्बू से मार खाने से बचने के लिए 14 वर्षीय एक बच्चे ने खुद के की झूठी कहानी घरवालों को सुनाई। बच्चे की कहानी सुनकर उसके अभिभावक सन्न रह गए। उन्होंने भोईवाड़ा से संपर्क किया। पुलिस को बच्चे की बातों पर संदेह हुआ, लेकिन उन्होंने एनसी दर्ज कर लिया। पुलिस की कार्रवाई से बच्चे के अभिभावक नाखुश थे। घर पहुंचने पर उन्होंने पीड़ित बच्चे से किडनैपिंग वाले दिन की पूरी घटना मोबाइल में रिकॉर्ड करवाई और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। वायरल विडियो में पुलिस की कार्यप्रणाली और खुद को अल्पसंख्यक समुदाय के होने की बात कहते हुए बच्चे ने प्रशासन पर पक्षपात करने की बात कही है। रविवार को यह वायरल विडियो भोईवाड़ा पुलिस के हाथ लगा। अपहरण के बारे में गहराई से पूछताछ भोईवाड़ा पुलिस के सीनियर पीआई विनोद कांबले ने बच्चे के परिजन को तुरंत थाने में संपर्क करने को कहा। मगर वायरल विडियो में बच्चे के नाम-पता का उल्लेख नहीं था। जोन-4 के डीसीपी डॉ. सौरभ त्रिपाठी ने भी वायरल विडियो का संज्ञान लिया। उन्होंने बच्चे व उसके अभिभावक का पता लगाकर उन्हें पूछताछ के लिए भोईवाड़ा पुलिस थाना बुलाया। उनसे अपहरण के बारे में गहराई से पूछताछ की। बच्चे द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए टैक्सी का नंबर (जिससे कथित अपहरण किया गया था) लेकर उसकी जांच की। वह टैक्सी यूपी निवासी किसी गुप्ता नामक टैक्सी चालक की थी, जिससे अपहरण के बारे में पूछताछ की गई। गुप्ता ने बच्चे की पहचान की, मगर उसके अपहरण की घटना से इनकार कर दिया। बच्‍चे ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की पुलिस ने जब टैक्सी चालक गुप्ता के सामने बच्चे को बिठाकर पूछताछ शुरू की तो पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। थोड़ी सख्ती बरतने पर बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसका अपहरण नहीं किया गया था। देर रात घर लौटने पर उसके अम्मी-अब्बू उसको मारते-पीटते थे। इससे बचने के लिए उसने अपहरण की झूठी कहानी अभिभावक को सुनाई थी। परिजन ने मानी अपनी गलती बच्चे की बात सुनकर डीसीपी डॉ. त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कांबले समेत सभी पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए। पुलिस ने बच्चे के अभिभावक को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली विडियो रिकॉर्डिंग कर उसे वायरल करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। पुलिस के समक्ष अभिभावक ने अपनी गलती मानी और लिखित में वादा किया कि वे लोग भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। पुलिस ने सभी लोगों के बयान दर्ज किए और उन्हें चेतावनी देकर जाने दिया।


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